भारत में 2020 तक कार्ड, एटीएम, पीओएस मशीनें किसी काम के नहीं रहेंगी: अमिताभ कांत

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8 नवम्बर को प्रधानमंत्री के नोटबंदी के फैसले के बाद अब लगभग ढाई महीने हो चुके है,अब एटीएम से भी लगभग आसानी से पैसे मिल जा रहे है और बैंक पे भी लंबी कतारे ख़त्म हो चुकी है और इन सब के बीच लोगो के दोबारा ‘डिजिटल ट्रांसक्शन’ से ‘कैश ट्रांसक्शन’ की ओर बढ़ने की आशंका हैं जो की सरकार के प्रयासों के बिल्कुल उलट होगा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार लोगो को डिजिटल ट्रांसक्शन के लिए प्रोत्साहित कर रही है और उसमें लगातार छूट भी दे रही है।

इसी कड़ी में, ‘निति आयोग’ के ‘सीईओ’ अमिताभ कांत ने कहा की देश डिजिटल पेमेंट की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और सरकार टेक्नोलॉजी की मदद से इसे और आसान बनाने के कड़े प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा की,”2020 तक मतलब अगले 3 वर्ष में भारत में कार्ड, एटीएम, पीओएस मशीनें किसी काम के नहीं रह जायँगे और ‘आधार कार्ड इनेबल’ पेमेंट सिस्टम इन सब की जगह ले लेगा जिसकी शुरुआत ‘आधार पे ऐप्प’ से हो चूकि है।”

उन्होंने कहा की सरकार इस बात पर काफी जोड़ दे रही है की किसी तरह डिजिटल पेमेंट सिस्टम को कम ख़र्चीला और बेहद आसान बनाया जाये जिससे देश के सभी वर्ग, पढ़ा-लिखा हो या अनपढ़, गरीब हो या अमीर, सभी के लिए उपयुक्त हो और आधार पे ऐप्प इसी दिशा में किया गया गंभीर प्रयास है।

आधार पे ऐप्प के बारे में:

1) इस ऐप्प के माध्यम से कोई भी व्यक्ति, जिसका बैंक अकाउंट हो और वह आधार कार्ड से लींक हो, अपने अंगूठे से 30-40 सेकंड में पैसे का भुकतान कर सकता है।
2)इस माध्यम से पेमेंट करने के लिए ग्राहक को किसी मोबाइल फ़ोन, डेबिड/क्रेडिट कार्ड, पासवर्ड आदि की जरुरत नहीं होगी लकिन हां जिसको भुगतान लेना है(दुकानदार या कोई व्यक्ति) उसको एक स्मार्ट फ़ोन, आधार ऐप्प और एक अंगूठे को डिटेक्ट करने वाले डिवाइस की जरुरत होगी जो की मार्किट में लगभग 2000 की क़ीमत में उपलब्ध है।
3) इस ऐप्प के माध्यम से पेमेंट करने पर ग्राहक को कोई एक्स्ट्रा सर्विस चार्ज या कोई अन्य तरह के चार्ज नहीं देने होंगे, मतलब ये आपके लिए फायदे का सौदा होगा।

ग्राहक को चाहिए:
1)आधार नंबर
2)बैंक अकाउंट जो की आधार कार्ड से जुड़ा हो
3)अंगूठा

दुकानदार को चाहिए:
1)स्मार्ट फ़ोन
2)इंटरनेट कनेक्शन
3)आधार पेमेंट एप्लीकेशन(गूगल प्ले से डाउनलोड करना होगा)
4)फिंगरप्रिंट स्कैनर(मार्केट से खरीदना होगा, कीमत लगभग 1500-2000 रुपये)
5)बैंक अकाउंट

गौरतलब है की भारत में नोटबंदी से पहले लगभग 85 प्रतिसत लेन-देन कैश से होता था और इस कारण से काफी बड़ी मात्रा में कैश मार्केट में ही घूमता था और बैंकिंग सिस्टम में नहीं आ पता था, जिसके कारण सरकार काफी काम मात्रा में टैक्स वसूल कर पाती थी जो की किसी देश के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता।

कौन हैं अमिताभ कांत:
1)अमिताभ कांत वर्तमान मे ‘नीति आयोग’ के ‘सीईओ’ हैं जो की जो की भारत सरकार की एक संस्था है जिसका काम देश में हो रहे विकास कार्यो में तेज़ी लाना है।
2)ये भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के सदस्य है।(केरला कैडर:1980 बैच)
3)डिपार्टमेंट ऑफ़ इंडस्ट्रियल पालिसी एंड प्रमोशन (DIPP) के सेक्रेटरी भी रह चुके है।
4)“Branding India – An Incredible Story” नाम की किताब भी लिख चुके है।

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