अविरल हिंदी बोलने वाले भारत में रूस के राजदूत अलेक्जेंडर कदाकिन का आकस्मिक निधन

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Alexander Kadakin. (Photo Source:The Hindu)

भारत के अच्छे मित्र माने जाने वाले और अविरल प्रवाह में हिंदी बोलने वाले रूस के राजदूत अलेक्जेंडर कदाकिन, जो की भारत में लंबे समय से कार्यरत थे, का आज सुबह दिल का दौरा पड़ने के कारण निधन हो गया। उनको दिल्ली के निजी अस्पताल में संछिप्त बीमारी के बाद भर्ती कराया गया था।

रुसी दूतावास द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया की बहुत दुख के साथ ये सूचित किया जाता है की हमारे भारत के राजदूत अलेक्जेंडर कदाकिन का संछिप्त बीमारी के बाद 26 जनवरी की सुबह दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया, वे 67 साल के थे।

अलेक्जेंडर कदाकिन काफी लंबे समय से भारत में रूस के राजदूत के पद पर कार्यरत थे। वह वर्ष 1999 से 2004 तक और वर्ष 2009 से 26 जनवरी 2017 तक दो बार 5 वर्ष और 7 वर्ष की अवधी के लिए राजदूत पद पर अपनी सेवा दे चुके है। राजदूत अलेक्जेंडर कदाकिन को भारत का करीबी दोस्त माना जाता था। रुसी नागरिक होते हुआ भी उनको हिंदी भाषा बोलने में महारथ हासिल थी।

जैसा की हम सब को पता है की रूस भारत के साथ काफी लंबे समय से एक सच्चे दोस्त की भूमिका में हमेशा साथ खड़ा रहा है और जब कभी भारत ने अपने दोस्त रूस को याद किया है तब-तब रूस ने भारत को निराश नहीं किया है। रुसी दूतावास के अनुसार राजदूत अलेक्जेंडर का पूरा कूटनीतिक करिअर भारत-रूस संबंधों को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से 1971 से था और उनको भारत-रूस के आपसी संबंधों में अनूठी भूमिका निभाने का श्रेय दिया जाता है।

विदेश मंत्रालय की ओर से राजदूत अलेक्जेंडर के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया गया है, विदेश मंत्रालय के पवक्ता विकास स्वरुप द्वारा किये ट्वीट में उन्होंने ने लिखा है की, “हमने अपने सच्चे मित्र को खो दिया है जिन्होंने दशको तक भारत और रूस के सम्बन्धो को मधुर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”

उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने किये ट्वीट में कहा की, “राजदूत अलेक्जेंडर के निधन काफी दुखी हूं।”

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